.उत्पाद: शरद पिछवाई जरी
सामग्री: जरी कपड़ा, जरी किनारी
विवरण: पिछवाई एक पारंपरिक चित्रकला एवं सजावटी वस्त्र है, जिसे श्रीनाथजी तथा पुष्टिमार्गीय मंदिरों में ठाकुरजी के स्वरूप के पीछे सजाया जाता है। शरद ऋतु एवं शरद पूर्णिमा के अवसर पर धारण की जाने वाली शरद पिछवाई भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य शरद रास लीला, चंद्रमा की शीतल चांदनी तथा वृंदावन की अलौकिक सुंदरता का प्रतीक मानी जाती है।
यह पिछवाई ठाकुरजी के मंदिर, गृह-मंदिर, उत्सव, मनोरथ एवं विशेष सेवाओं की शोभा बढ़ाने के लिए उपयोग की जाती है। इसकी आकर्षक कलाकारी, मनोहारी रंग-संयोजन एवं पारंपरिक डिज़ाइन भक्तिभाव और आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक सुंदर बनाते हैं।
शरद पूर्णिमा, रासोत्सव तथा अन्य विशेष उत्सवों में यह पिछवाई सेवा एवं सजावट के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है।
उत्पाद कोड: SHARAD RAAS PICHHWAI JARI
नोट : वास्तविक उत्पाद औरडिजाईन में थोड़ा अंतर संभव है।
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₹150.00Price
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