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पुष्टिमार्गीय पुस्तक: सूरसागर सटीक संस्करण 
प्रोडक्ट कोड: SOOR SAGAR SATIK EDITION BOOK SMN FP
संपादक: भगवतीप्रसाद देवपुरा 
विवरण: गोस्वामी श्री सूरदासजी रचित ‘सूरसागर’ कृष्णभक्ति पर आधारित एक महान ग्रंथ है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के बाल्य, किशोर और युवावस्था के विविध लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन मिलता
है। द्वितीय खंड में मुख्यतः कृष्ण के बाल्यकाल की लीलाओं का वर्णन किया गया है। इसमें वृंदावन और गोकुल की पृष्ठभूमि में श्रीकृष्ण का बालस्वरूप, उनकी चंचलता, प्रेम, और भक्तों के साथ का सजीव चित्रण है। सूरसागर के द्वितीय खंड में भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप का ऐसा चित्र खींचा गया है जो मानव और ईश्वर के बीच के प्रेम और स्नेह को उजागर करता है। यह खंड पाठकों के मन में भक्ति, प्रेम और करुणा का सागर भर देता है। इस किताब का संपादन भगवतीप्रसाद देवपुरा द्वारा किया गया है |
पृष्ठ: 1232

वजन : 4 kilo
प्रकाशक:साहित्य मंडल, नाथद्वारा (राज.) 
उपयुक्त: पुष्टिमार्ग के अनुयायियों और आध्यात्मिक पाठकों के लिए आदर्श।

पुस्तकों की वास्तविक कीमत के साथ न्यूनतम सेवा शुल्क जोड़ा गया है |

Soor Sagar

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